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बाल गीत : भारत स्वच्छ बनाऊंगी...

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
अम्मा के संग मैं भी घर का,
कचरा अभी उठाऊंगी।
गीला कचरा-सूखा कचरा,
अलग-अलग रखवाऊंगी।
 
डस्टबिन भी अलग-अलग हैं,
सूखे-गीले कचरे की।
नगर पालिका की गाड़ी में,
अलग-अलग डलवाऊंगी।
 
पूरा पड़ोसी गली-मोहल्ले,
के सारे बच्चों को ले।
भारत स्वच्छ बनाने की मैं,
अलख जगाने जाऊंगी।
 
भारत स्वच्छ बना देने के,
मैंने भी कुछ गीत लिखे।
बच्चों की टोली को लेकर,
गली-गली मैं गाऊंगी।
 
भारत स्वच्छ बनेगा तो हर,
घर में खुशहाली होगी।
बीमारी तब दूर रहेगी,
सबको मैं बतलाऊंगी।

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