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कांग्रेस की परंपरागत सीट रही सुंदरगढ़ में भाजपा की बादशाहत

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सुंदरगढ़। छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले से लगे पड़ोसी राज्य ओड़िशा की सुंदरगढ़ लोकसभा सीट यूं तो कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है, लेकिन पिछले 5 चुनाव में से 4 जीत दर्ज कर भाजपा ने यहां अपनी बादशाहत कायम कर ली है।
 
दिलचस्प तथ्य यह भी है कि 2014 के आम चुनाव में मोदी लहर के बावजूद भाजपा 21 सीटों वाले ओडिशा में सुंदरगढ़ एकमात्र संसदीय सीट थी, जिसे वह जीत पाई थी, जबकि शेष 20 सीटें बीजू जनता दल (बीजद) ने अपने नाम की थीं।
 
ऐतिहासिक तथ्यों के मुताबिक सुंदरगढ़ में राजवंशों का शासन रहा और 1948 तक यह गंगपुर रियासत की राजधानी रही। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण सुंदरगढ़ लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।
 
वर्ष 1952 में पहले आम चुनाव में कांग्रेस ने जीत की शुरुआत की थी। इसके बाद 1957 और 1962 में गणतंत्र परिषद ने लगातार जीत दर्ज की तथा 1967 में स्वतंत्र पार्टी ने चुनाव जीता।
 
वर्ष 1971 में कांग्रेस ने सुंदरगढ़ सीट पर पुनः कब्जा किया, लेकिन आपातकाल के बाद 1977 में हुए चुनाव में जनता पार्टी ने उससे यह सीट छीन ली। इसके बाद 1980 में कांग्रेस ने यहां फिर चुनाव जीता और 1984 में अपना कब्जा बरकरार रखा। वर्ष 1989 में सुंदरगढ़ सीट जनता दल के हाथ लगी, लेकिन 1991 में यह फिर कांग्रेस के हाथ में चली गई और 1996 में भी कांग्रेस ने यह जीत दोहराई।
 
ओडिशा की राजनीति में एक अचंभे की तरह उदीयमान आदिवासी क्षत्रप जुएल उरांव ने 1998 में भाजपा की ओर से सुंदरगढ़ सीट कांग्रेस से छीन ली और इसके बाद 1999 तथा 2004 तक पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार अपना वर्चस्व कायम रखा।
 
वर्ष 2009 में उरांव की जीत की राह में कांग्रेस के हेमानंद बिस्वाल रोडब्रेकर साबित हुए और चुनावी नतीजा अपनी ओर मोड़ लिया। वर्ष 2014 के चुनाव में उरांव ने पुनः जीत हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मशहूर हॉकी खिलाड़ी बीजद के दिलीप कुमार तिर्की को परास्त किया।
 
हिल स्टेशन, मनोरम पहाड़ियों और झरनों की खूबसूरती से अपने नाम को चरितार्थ करते सुंदरगढ़ जिले की आधी आबादी खेती और इससे जुड़े काम-धंधों पर आश्रित है।
 
जर्मनी के सहयोग से ओडिशा में स्थापित राउरकेला इस्पात संयंत्र इसी जिले में है जिसकी बदौलत बहुत से स्थानीय लोगों को संयंत्र में रोजगार मिला है।
 
सुंदरगढ़ संसदीय क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें सुंदरगढ़, तालसरा, वीरमित्रपुर, रघुनाथपली, राउरकेला और बोनाई है।
वर्तमान में इन विधानसभा सीटों में कांग्रेस 2, बीजद 2 तथा भाजपा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और समता क्रांति दल एक-एक सीटों पर काबिज है।
 
अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सुंदरगढ़ लोकसभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या में 51 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति और 9 प्रतिशत अनुसूचित जाति वर्ग की है।
 
वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कुल मतदाताओं की संख्या 14,10,532 थी जिनमें 7,18,689 पुरुष और 6,91,843 महिला मतदाता थीं। (वार्ता)

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