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दशहरा पर क्यों करते हैं शमी के वृक्ष की पूजा, क्या है इसका महत्व?

WD Feature Desk
शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024 (15:30 IST)
Dussehra par shami ke patte kyo banta hai: 12 अक्टूबर 2024 शनिवार को दशहरे का त्योहार मनाया जाएगा और रात में रावण दहन करेंगे। रावण दहन के बाद लोग एक-दूसरे के घर जाकर, गले मिलकर, चरण छूकर बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं। दशहरे के दिन शमी के पत्तों को एक-दूसरे को बांटते हैं, जिसे स्वर्ण के प्रतीक समझा जाता है। इसी पत्ते के वृक्ष की पूजा करने से शनि दोष के साथ ही सभी तरह के राहु और केतु के दोष भी समाप्त हो जाते हैं।
दशहरे पर क्यों बांटे जाते हैं सभी को शमी के पत्ते:-
  1. दशहरे पर शमी के वृक्ष की पूजा और उसके पत्ते को बांटने का प्रचलन है। 
  2. जब लोग रावण दहन करके आते हैं तो एक दूसरे को शमी के पत्ते बांटते हैं। 
  3. माना जाता है कि दशहरे के दिन कुबेर ने राजा रघु को स्वर्ण मुद्रा देते हुए शमी की पत्तियों को सोने का बना दिया था, तभी से शमी को सोना देने वाला पेड़ माना जाता है।
  4. यह भी कहते हैं कि श्रीराम ने रावण से युद्ध लड़ने से पहले शमी के वृक्ष की पूजा की थी।
  5. श्री राम ने युद्ध में विजयी होने के बाद अयोध्या वासियों को स्वर्ण दान में दिया था।
  6. इसी के प्रतीक स्वरूप परंपरा से अब शमी के पत्ते को बांटा जाता है।
  7. पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान अपने अस्त्र-शस्त्रों को शमी के पेड़ में छिपाकर रखा था। 
  8. उपरोक्त कारणों के चलते दशहरे पर शमी की बांटने और इसकी पूजा का प्रचलन है।
दशहरे पर शमी पूजा के 5 फायदे:
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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